फ्रीलांसिंग कॅरियर में बनाने के लिए ध्यान रखें; पहले अपनी काबिलियत को समझें और कॉन्ट्रेक्ट करने के बाद ही काम करें

आज के समय में फ्रीलांसिंग जॉब का बहुत चलन है। जॉब मार्केट में फ्रीलांसिंग के ढेरों अवसर हैं। आप घर बैठे विदेशों से भी प्रोजेक्ट हासिल कर सकती हैं। फ्रीलांसर्स यूनियन के अनुसार, 54 मिलियन अमेरिकी लेखन, ग्राफिक डिजाइन और कंसल्टिंग जैसे क्षेत्रों में फ्रीलांसर के तौर पर काम कर रहे हैं। भारत में भी भारतीय "फ्रीलांसर्स' का बाजार 2025 तक लगभग 1.48 लाख करोड़ रुपए तक बढ़ने का अनुमान है। यदि आप कुछ कारणों से अपने कॅरिअर को छोड़ देती हैं और कुछ वर्षों के बाद फिर से काम करना चाहती हैं, तो आप अपनी फील्ड में लेखन शुरू कर सकती हैं।


4 स्टेप : फ्रीलांसिंग कॅरिअर को ऐसे बनाएं सफल


फ्रीलांसिंग को कॅरिअर के तौर पर गंभीरता से लें
इसे केवल ‘खाली समय’ में टाइम-पास करने के लिए न करें। कुछ महिलाएं ऐसी हैं जो कभी फुल-टाइम और कभी फ्रीलांसर के तौर पर काम करती हैं। लेकिन, मेरी राय है कि फ्रीलांसिंग को एक वैकल्पिक कॅरिअर के तौर पर नहीं अपनाना चाहिए। फ्रीलांसिंग में भी समर्पित समय और ऊर्जा को वैसे ही दें जैसे आप फुल-टाइम जॉब के लिए समर्पित करती हैं। शुरुआत में, ज्यादा कमाई नहीं होती, लेकिन उम्मीद नहीं खोना चाहिए। रोज नया काम खोजें और अपनी क्षमता के अनुसार कई प्रोजेक्ट्स पर काम करें। आपके रिज्यूमे में जितने अधिक प्रोजेक्ट्स होंगे, आगे जाकर आपको उतने ही बड़े और बेहतर प्रोजेक्ट्स मिल सकते हैं।


अपनी काबिलियत को जानें
सिर्फ इसलिए कि आप फ्रीलांसिंग काम कर रही हैं, इसका यह मतलब नहीं है कि आप अपने ‘पे पैकेज’ से समझौता करने को तैयार हैं। यदि आप किसी प्रोजेक्ट के लिए 15,000 रुपए की योग्य हैं तो बेझिझक इतने ही पैसे मांगें। ऐसी कई कंपनियां हैं जो फ्रीलांसिंग के लिए कम पैसे देती हैं। इसलिए अपनी काबिलियत को जानें। लेकिन, शुरुआत में अच्छे प्रोजेक्ट्स हासिल करना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए, और फिर धीरे-धीरे आप प्रॉफिट के बारे में सोचें।


खराब प्रोजेक्ट्स न लें
यदि आपको लगता है कि कोई प्रोजेक्ट करने में आपको मजा नहीं आएगा या आपको सही रुपए नहीं मिलेंगे, तो आप उस प्रोजेक्ट के लिए मना कर सकती हैं। यह मत सोचिए कि कोई काम न होने से अच्छा है कि कैसा भी काम ले लें। सस्ते प्रोजेक्ट के लिए अच्छी रकम खर्च करना सही नहीं है। इसके बजाय, धैर्य रखें और एक अच्छे प्रोजेक्ट की तलाश में समय बिताएं।


बिना कॉन्ट्रैक्ट काम न करें
कॉन्ट्रैक्ट, क्लाइंट से आवश्यक समय सीमा तक प्रोजेक्ट्स दिलवाता है और काम के लिए नियमित भुगतान सुनिश्चित करता है। यह आपके नियोक्ता की ओर से व्यावसायिकता भी सुनिश्चित करता है। कॉन्ट्रैक्ट साइन करने से पहले नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें और सुनिश्चित करें कि इसमें आपकी और आपके क्लाइंट की सभी शर्तें शामिल हैं।


समय प्रबंधन महत्वपूर्ण है
हालांकि फ्रीलांसिंग आपको अपनी सुविधा के अनुसार घर से काम करने का अवसर देता है। यहां तक कि आप छुट्टियों में भी अपने हिसाब से काम कर सकती हैं। लेकिन ऐसे में टाइम मैनेज करना और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।


नेटवर्किंग बनाएं रखें


किसी भी काम में वर्ड-ऑफ-माउथ और रेफरल नए व्यवसायों को उत्पन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए अपने क्लाइंट्स के साथ संपर्क में रहें और समय-समय पर उनसे बात करते रहें।