ईरान (Iran) के दूसरे सबसे ताकतवर शख्स और सेना के मेजर जनरल कासिम सुलेमानी (Qassim Soleimani) के अमेरिकी हवाई हमले में मारे जाने के बाद ये सवाल तेजी से उठने लगा है कि क्या अब तीसरा विश्वयुद्ध शुरू हो चुका है. शुक्रवार की सुबह अमेरिका ने बगदाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हवाई हमले किए. इस हमले में ईरानी सेना के मेजर जनरल कासिम सुलेमानी और इराकी मिलिशिया कमांडर अबु महादी अल-मुहानदिस मारे गए.
ईरान के खिलाफ ये अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई है. ईरान के दूसरे ताकतवर शख्स के अमेरिकी हवाई हमले में मारे जाने के बाद ट्विटर पर वर्ल्ड वार 3 ट्रेंड करने लगा. लोग ट्वीट करने लगे कि क्या तीसरा विश्वयुद्ध शुरू हो चुका है? क्या अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ा तनाव अब विश्व युद्ध की शक्ल ले चुका है?
ईरान की चेतावनी कासिम की मौत की चुकानी होगी कीमत
कासिम सुलेमानी के मारे जाने पर अमेरिका के रक्षा विभाग की तरफ से कहा गया है कि सुलेमानी अमेरिकी राजनयिकों पर हमले की योजना बना रहा था. वो इराक और उसके आसपास के इलाकों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले की साजिश रच रहा था. अमेरिका अपने ऊपर होने वाले संभावित हमले के खिलाफ इसे अपनी सैन्य कार्रवाई कहकर, न्यायोचित ठहराने की कोशिश कर रहा है.
वहीं ईरान में इस हमले को लेकर उबाल है. ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जाफरी ने कहा है कि ये अमेरिका की आतंकी कार्रवाई है. अमेरिका को चेतावनी देते हुए जवाद जाफरी ने कहा है कि अमेरिका को अपनी इस दुष्टता की कीमत चुकानी पड़ेगी.
विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने कहा है कि जनरल सुलेमानी की शहादत से क्षेत्र और संसार में प्रतिरोध का पेड़ और अधिक मजबूत होगा. उन्होंने कहा है कि अमरीका अपनी इस कार्रवाई के लिए हर तरह से जिम्मेदार होगा. जरीफ ने कहा कि जनरल सुलेमानी की हत्या, अमरीका की एक बहुत ही खतरनाक और मूर्खतापूर्ण कार्रवाई है.
ईरान की सेना ने किया बदला लेने का ऐलान
ईरान की सेना ने भी बदला लेने का ऐलान कर दिया है. ईरान की रिवोल्यूशनरी आर्मी की तरफ से कासिम सुलेमान की मौत पर कहा गया है कि अमेरिका को इसके भीषण और हिंसक नतीजे भुगतने होंगे. वो इसका बदला लेकर रहेंगे.
अमेरिका के कुछ सीनेटर भी इस अमेरिकी हमले का विरोध कर रहे हैं. एक अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने कहा है कि 'कासिम सुलेमानी अमेरिका के दुश्मन थे. लेकिन सवाल है कि क्या अमेरिका ने कांग्रेस की अनुमति के बिना ईरान के जनरल की हत्या करके क्षेत्र में एक नया युद्ध नहीं छेड़ दिया है?'
ईरान में कासिम सुलेमानी की हत्या को लेकर सुरक्षा परिषद की उच्चस्तरीय बैठक चल रही है. इस इमरजेंसी बैठक के बाद ईरान की तरफ से कुछ और आधिकारिक बयान आ सकते हैं.
ईरान की आधिकारिक वेबसाइट ने कहा- तीसरा विश्वयुद्ध शुरू
अमेरिका और ईरान के रिश्तों पर नजर रखने वाले जानकार बता रहे हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ेगा और इसके नतीजे में कुछ और हमले देखने को मिल सकते हैं.ईरान की एक आधिकारिक वेबसाइट parstoday.com के हवाले से खतरनाक संकेत दिए गए हैं. वेबसाइट में एक पत्रकार ने लिखा है कि उन्होंने 18 मई 2018 के अपने लिखे लेख में ही इसके संकेत दे दिए थे. इस पत्रकार ने लिखा है कि 'इलाके में जंग जारी है. लीबिया से लेकर सीरिया और यमन में जंग चल रही है. ये जंग शिया और सुन्नी के बीच नहीं है और न ही ये क्षेत्रीय राष्ट्रों के बीच है. बल्कि ये अमेरिका और रूस के बीत विश्वयुद्ध की शुरुआत है.'इसी पत्रकार ने लिखा है कि इराक में अमेरिका ने अक्टूबर 2019 से ही साजिश शुरू कर दी थी. ये सब ईरान को लपेटे में लिए जाने के लिए किया जा रहा है. ठीक उसी तरह से जैसा उसने लीबिया और सीरिया में किया था. ऑस्ट्रेलिया के एक मशहूर विश्लेषक जॉन ब्लेजर ने भी दावा किया था कि इस बात की अनदेखी नहीं की जा सकती कि तीसरा विश्वयुद्ध शुरू हो चुका है.
पूरी दुनिया के लिए खतरनाक वक्त
जानकारों के मुताबिक इराक में पहली अक्टूबर से जो चल रहा है, वो वास्तव में अमेरिका और दूसरी तरफ रूस, चीन और ईरान के बीच चलने वाले युद्ध का पहला चरण है.
कासिम सुलेमान के मारे जाने के बाद अब इसमें तेजी आएगी. शनिवार को ही ईरान की इस्लामिक रिपब्लिक आर्मी के डिप्टी हबीबुल्लाह सैय्यारी ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी थी. उनका इशारा अमेरिकी टारगेट्स पर हमले का था. ये बयान उस वक्त आया था, जब ईरान, चीन और रूस के साथ मिलकर नेवल एक्सरसाइज करने वाला है.
सीआईए के एक पूर्व अधिकारी ने एनबीसी न्यूज को बताया है कि ईरान पर अमेरिकी हमले के नतीजे खतरनाक हो सकते हैं. ईरान आतंकी घटनाओं के जरिए इसका बदला लेगा. वे लोग साइबर अटैक भी कर सकते हैं. सीआईए के पूर्व अधिकारी नॉर्मन रुल के मुताबिक ये बुरा वक्त है. नॉर्मन रूल ने कहा है कि 'मुझे लगता है कि अमेरिकी लोगों के जान को खतरे मे देखकर ही अमेरिकी सेना ने इतनी बड़ी कार्रवाई की है. अमेरिकन सैन्य अधिकारी जानते हैं कि इसका नतीजा कितना खतरनाक हो सकता है.'